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विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा जोधपुर, राजस्थान प्रांत द्वारा 11 जुलाई से 15 जुलाई तक प्राणायाम सत्र का आयोजन किया गया। यह सत्र ऑनलाइन गूगल मीट पर तथा ऑफलाइन केंद्र परिसर भवन में किया गया। इस कार्यक्रम में ऑनलाइन तथा ऑफलाइन 52 अभ्यासियो  ने भाग लिया जो 15 से 70 वर्ष आयु के थे। 

प्रथम दिन कार्यक्रम की शुरुआत मां भारती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। शिथिलीकरण की क्रियाओं का अभ्यास श्याम मालवीय तथा पंकज व्यास द्वारा कराया गया । दीपक जी द्वारा शरीर में प्राण क्या है ? प्राणायाम क्या है?  इस विषय को समझाया गया। प्रेम रतन जी द्वारा कपालभाति , खंडिय और पूर्ण योगिक श्वसन का अभ्यास कराया गया।

सत्र के दूसरे दिन श्याम मालवीय और जुगल किशोर अग्रवाल ने श्वसन क्रियाओं का अभ्यास, व्याघ्र श्वसन तथा लघु शवासन कराया। दीपक जी द्वारा पंचकोश का विस्तृत वर्णन और प्रेम रतन जी द्वारा चंद्र अनुलोम विलोम,चंद्र भेदन,सूर्य भेदन, नाड़ी शोधन  का अभ्यास कराया गया।

सत्र के तीसरे दिन श्याम मालवीय और जुगल किशोर अग्रवाल  ने श्वसन अभ्यास,   ॐ  कार उच्चारण के साथ शशांक आसन श्वसन कराया गया। दीपक खैरे जी द्वारा पंचप्राण का विस्तृत वर्णन किया गया । प्रेम रतन जी द्वारा भस्त्रिका, भ्रामरी का भी अभ्यास कराया गया।

चौथे दिन के सत्र में श्याम मालवीय और  जुगल किशोर अग्रवाल ने श्वसन  अभ्यास को मंत्रों के साथ कराया । दीपक जी द्वारा कोविड  महामारी को ध्यान में रखते हुए अधोमुख  श्वसन की जानकारी हरि भैया के  डेमो के साथ दी गई । प्रेम रतन जी द्वारा उज्जायी , शीतली, शीतकारी का अभ्यास कराया गया।

सत्र के समापन दिवस 15 जुलाई को मुख्य अतिथि और वक्ता जोधपुर नगर संचालक अशोक दानी जी ने सहभागियों को  स्वयं को स्वस्थ रखते हुए राष्ट्र को भी स्वस्थ रखने का आव्हान किया । इसके पूर्व राज भूतड़ा द्वारा सत्र परिचय व नगर प्रमुख डॉ अमित व्यास जी द्वारा केंद्र परिचय, श्याम मालवीय द्वारा  सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया गया। उसके पश्चात सभी सहभागियों ने अपना अनुभव साझा किया। केंद्र प्रार्थना के पश्चात अल्पाहार रखा गया।

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