भावनगर स्थित प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक आस्था के केंद्र तख्तेश्वर महादेव मंदिर के पावन सान्निध्य में स्वामी विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, गुजरात, भावनगर द्वारा पवित्र श्रावण मास के उपलक्ष्य में 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं शिव-अमृत पूजन का एक अत्यंत भव्य, दिव्य एवं भक्तिमय कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। 6 सितंबर 2026 को प्रातः 7:00 बजे से 9:00 बजे तक आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों से लगभग 20 परिवारों ने अपने बच्चों सहित उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें कुल 53 श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर श्रीमती मंजु दीदी ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वचन एवं धर्म और संस्कारों के मार्ग पर चलने का प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्रदान किया, वहीं श्री नरेंद्रभाई त्रिवेदी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सभी भावकों ने पूर्ण श्रद्धा, भक्ति और स्वच्छता के साथ शुद्ध मिट्टी से 108 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया, जिसके पश्चात विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में शास्त्रोक्त विधि-विधान, मंत्रोच्चार एवं शिव-अमृत पूजन के साथ भगवान आशुतोष का अभिषेक एवं पूजन संपन्न हुआ।
भारतीय वैदिक एवं आध्यात्मिक परंपरा में पार्थिव शिवलिंग पूजन का विशेष महात्म्य बताया गया है; मिट्टी से शिवलिंग का निर्माण करना, उसकी प्राण-प्रतिष्ठा कर पूजन करना और तत्पश्चात जल में विसर्जन करना—सृष्टि के निर्माण, स्थिति और विलय के शाश्वत एवं दार्शनिक चक्र को जीवंत रूप में अभिव्यक्त करता है। तख्तेश्वर महादेव के सुरम्य परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छोटे-छोटे बच्चों और परिवारों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सनातन संस्कृति, जीवन-मूल्यों, संस्कारों तथा आध्यात्मिक जड़ों से जुड़ने का एक प्रत्यक्ष एवं सुंदर अवसर मिला।
विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, जो सतत रूप से समाज में सेवा, संस्कार, योग और भारतीय संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन हेतु प्रयासरत रहता है, उसकी यह एक अत्यंत सार्थक और प्रेरणादायी पहल साबित हुई। पूजन और शिव-अमृत आरती के उपरांत सभी श्रद्धालुओं ने तख्तेश्वर महादेव के दर्शन-पूजन किए और निर्मित पार्थिव शिवलिंगों का पूर्ण विधि-विधान से विसर्जन किया।
अंततः, यह संपूर्ण आयोजन अगाध भक्ति, दृढ श्रद्धा, पारिवारिक आत्मीयता तथा संस्कारमय वातावरण में अत्यंत हर्षोल्लास एवं दिव्यता के साथ संपन्न हुआ।








