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25 दिसंबर के संकल्पीत पंद्रह सौ माता -बहनों व पुरूषों ने आज प्रकट किया अपना संकल्प पूरा करते हुए भव्य शोभायात्रा निकाली। स्वामी विवेकानन्द सार्द्धशती समारोह समिति उदयपुर ने सार्द्धशती समारोह के संपूर्ण वार्षिक कार्यक्रमों (12 जनवरी 2013 से 12 जनवरी 2014 )

25 दिसंबर के संकल्पीत पंद्रह सौ माता -बहनों व पुरूषों ने आज प्रकट किया अपना संकल्प पूरा करते हुए भव्य शोभायात्रा निकाली। स्वामी विवेकानन्द सार्द्धशती समारोह समिति उदयपुर ने सार्द्धशती समारोह के संपूर्ण वार्षिक कार्यक्रमों (12 जनवरी 2013 से 12 जनवरी 2014 )

का श्री गणेश आज उदयपुर में स्वामी विवेकानन्द की जयंती के उपलक्ष्य में भव्य शोभायात्रा के द्वारा किया। शोभायात्रा  कि भव्यता व महत्ता का देखते हुए इसे चार स्थानो से प्रारम्भ किया गया।

श्री रामकृष्ण परमहंस शोभायात्रा:-
यह शोभायात्रा पटेल सर्कल से प्रातः 10.45 बजे प्रारम्भ हुई जिसे पुर्व गृहमंत्री श्री गुलाबचंद जी कटारिया एवं आलोक संस्थान के संस्थापक श्रीमान श्यामलाल जी कुमावत ने केसरिया पताका दिखाकर शुभारम्भ किया । यात्रा के संयोजक श्री विनोद गदिया, श्री सुभाष जी जोशी, श्री ऋषभ कुमार जैन, श्री जयन्त जी ओझा, श्री दिनेश जी भट्ट, श्री रविन्द्र जी श्रीमाजी एवं ताराचंद जी जैन व नगर साभापति  श्रीमति रंजनी डांगी थे । यात्रा का प्रारम्भ पटेल सर्कल से न्यू रेलवे स्टेशन, उदियापोल होते हुए सुरजपोल स्थल पर महासंगम का हिस्सा बनी । शोभायात्रा में हजारो की संख्या में माताएं बहिनें, बालक-बालिकाएं व विभिन्न समाजों के गणमान्य नागरिक सम्मिलित हुए । विशेषतः मार्ग में 12 गेट, 11 स्कूल के बच्चों के प्रतिनिधित्व सहित शोभायात्रा का विशेष आकर्षण विभिन्न झंाकिया जिनमें स्वामी विवेकानन्द, भारत माता, महाराणा प्रताप, भिलू राजा आदि अनेकानेक झांकिया शोभायमान थी । सम्पूर्ण यात्रा का मार्ग में विभिन्न समाजों द्वारा स्वागत अभिनन्दन किया गया गया जिसमें जवाहर नगर पर सिन्धी समाज एव नटराज होटल परिवार द्वारा अल्पाहार एवं फल वितरण, जलपान आदि कि व्यवस्था थी ।

माँ शारदा शोभायात्रा:-
यह शोभायात्रा प्रातः 11.00 बजे बी.एन. संस्थान से प्रारम्भ हुई जिसे पुजनीय सुरेशगिरी जी महाराज एवं बी.एन. संस्थान के मेनेजिंग डायरेक्टर श्री निरंजन नारायण सिंह जी द्वारा केसरिया पताका दिखाकर प्रारम्भ की गई । शोभायात्रा का संयोजन श्री महिपाल जी राठोड, डा.कोैशल जी शर्मा, गणपत जी लौहार, गोपाल जी सोनी एवं पंकज पालिवाल द्वारा किया गया। शोभायात्रा बी.एन. ग्राउण्ड से प्रारम्भ होकर गुरूद्वारा के सामने पहुंची जहां पर सिख समाज के मुखियाओं द्वारा पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया । यात्रा के पुरे मार्ग में अन्यन्य संगठनों द्वारा स्वागत द्वार लगाकर स्वागत किया गया । शोभायात्रा के अग्रसर अश्वधारी दो युवा थे जिनके हाथ में केसरिया पताका थी ।

शोभायात्रा में भगवान एकलिंगनाथ की झांकी, नाराण सेवा की झांकी, अग्नि शमन, स्वामी विवेकानन्द माँ काली की आराधना , पर्यावरण सुरक्षा , रामसेतु तोडने का विरोध प्रदर्शित करती, भारत माँ की आराधना करती, पाकिस्तान द्वारा भारती सैनिक के सर काटने की बर्बरता को दर्शाति झांकी विशेष आकर्षण का केन्द्र थी ।  शोभायात्रा में एन.सी.सी. केडेट्स, विभिन्न काँलेजों सहित 27 संस्थाओं के प्रतिनिधियों का प्रतिनिधित्व था । सम्पूर्ण यात्रा का मार्ग में विभिन्न समाजों द्वारा स्वागत अभिनन्दन किया गया गया यात्रा के प्रारंभ में अल्पाहार एवं फल वितरण, जलपान आदि कि व्यवस्था थी ।

स्वामी विवेकानन्द शोभायात्रा:
यह शोभायात्रा भूपालपुरा ग्राउण्ड से प्रारम्भ हुई जिसे श्री विजयलाल जी तायलिया,  श्री प्रभुदास जी पाहुजा द्वारा केसरिया पताका दिखाकर प्रारम्भ कि गई । यात्रा  भूपालपुरा ग्राउण्ड से प्रातः 11.00 बजे प्रारम्भ हुई जो कि शास्त्री सर्कल, देहलीगेट, बापुबाजार होते हूए संगम स्थल सूरजपोल पहुंची। यात्रा संयोजक श्री नेत्रपालसिंह यादव, श्री यशवन्त जी पालिवाल, श्री महेन्द्र जी दोषी, श्री गोपालकुष्ण जी गौड, राजेश जी माली, पंकज जी चित्तौडा आदि थे । शोभायात्रा में आदर्श हिन्दू परिवार, शहिदों को प्रणाम, महाराणा प्रताप, विवेकानन्द जी पर विशेष झाँकियां आकर्षण का केन्द्र थी । शोभायात्रा में अग्रिम पंक्ति में दो अश्वारूढ महापुरूषों की वेशभुषा में युवा थे । सम्पूर्ण यात्रा  मार्ग में विभिन्न समाजों द्वारा स्वागत अभिनन्दन किया गया गया जिसमें अल्पाहार एवं फल वितरण, जलपान आदि कि व्यवस्था थी ।

भगिनि निवेदिता शोभायात्रा:-
यह शोभायात्रा ऐतिहासिक धार्मिक स्थल श्री जगदीशचैक से प्रातः 11.00 बजे प्रारम्भ हुई जिसे खास औदी के महन्त परम पूजनिय श्री प्रयागगिरी जी महाराज एवं मेलडी माताजी के महन्त पूज्य विरमदेवी जी महाराज तथा केन्द्रीय उपाध्यक्ष मेवाड क्षत्रिय महासभा  के श्रीमान शक्तिसिंह जी कारोई द्वारा भगवान जगन्नाथ स्वामी जी की पूजा अर्चना कर तथा श्री विवेकानन्द जी के चित्र पर माल्र्यापण तथा पुष्प अर्पित कर केसरिया ध्वजा दिखाकर शंख घ्वनि के साथ यात्रा प्रारम्भ हुई| शोभायात्रा के संयोजक श्री हिरालाल जी सोनी, श्री कमलेन्द्र सिंह पंवार, श्री हरिश जी तिवारी, विवेक जी बोहरा, दिनेश जी मकवाना, क्ष्णकान्त जी शर्मा, महेन्द्र जी नागदा, सुखलाल जी द्वारा किया गया । शोभायात्रा जगदीश चैक से प्रारम्भ होकर घण्टाघर, बडा बाजार, सिन्धी बाजार, मुखर्जी चैक, झीणीरेत चैक होते हुए महासंगम स्थल सूरजपोल पर पहुंची । शोभायात्रा में शिव सेना, भारतीय मजदूर संघ, धर्मोत्सव समिति, बजरंग सेना, महाराणा प्रताप सेना, मेवाड क्षत्रीय महासेना, पहल संस्थान, बजरंगबली प्रचार समिति, राजस्थानी भाषा संघर्ष समिति, राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ, राजस्थान शिक्षक संघ, राष्ट्रीय रामकृष्ण दल, चंादपोल सेवा समिति के साथ ही विभिन्न सकूलों के बालक बालिकाओं सहित समाज के गणमान्य नागरिक मौजुद थे । विशेष आर्कषण का केन्द्र शोभायात्रा के दौरान सजी हुई विभिन्न झाँकिया (महाराणा प्रताप,भारत माता,राधाकृष्ण मॅंा शारदा आदि) अखाडा, अग्रिम पंक्ति में अश्व पर स्वामि विवेकानन्द बने हुए प्रतिरूप थे ।

सम्पूर्ण यात्रा का मार्ग में विभिन्न समाजों द्वारा स्वागत अभिनन्दन अल्पाहार एवं फल वितरण द्वारा किया गया ।

महासंगम स्थल विवेकानन्द मय बना सूरजपोल चैराहा:-
एतिहासिक स्वामी विवेकानन्द की शोभायात्रा का महासंगम सूरजपोल चैराहे पर चारों स्थानों से एकसाथ 12.00  बजे हुआ । एतिहासिक महासंगम समयबद्व अनुशासित रूप से पहली बार इतनी बडी तादाद में शोभायात्रा जिसमें अनेकानेक झांकिया, घुडसवार, समाज के प्रबुद्वजन,  स्कूली विघार्थी आदि थे ठीक समय पर हुआ । यहाँ से चारों शोभायात्राओं का एकसाथ टाउन हाँल प्राँगण पर समापन हुआ जहाँ प्रसाद वितरण आदि किया गया । यात्रा के प्रारम्भ स्कूली बच्चे स्केटींग के करतब दिखाते हुए चल रहे थे जिनके पिछे घोडों पर स्वामी विवेकानन्द जी के प्रतिरूप में बिराजित थे साथ ही अखाडा, गवरी प्रदर्शन एवं साहसिक करतब दिखाते हुए युवा चल रहे थे ।

झाकिया
विवेकानन्द बनें युवा व बच्चे,एंकलिगनाथ जी की झाकी,भारता माता की झाकी,महाराणाप्रताप की झाकी,आदर्श परिवार की झाकी,कलश यात्रा की झाकी,राष्ट्रीयसेवा योजना की झाकी, राष्ट्रीयकेडेंट कोर की झाकी,शहिदो को नमन की झाकी, कशमीर के शहीदो की झाकी,स्केटीग दलो की झाकीयो नें भाग लिया। सम्पूर्ण यात्रा का संयोजन जितेश श्रीमाली ने किया।

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