विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, महाराष्ट्र, सातारा द्वारा विश्वबंधुत्व दिवस के अवसर पर ‘विश्वबंधुत्व दिवस समारोह: व्याख्यान एवं निबंध प्रतियोगिता पुरस्कार वितरण समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक शिकागो भाषण की स्मृति में २० सितंबर २०२६ को सायं ४:०० से ६:०० बजे तक श्री कालाराम मंदिर, सातारा में संपन्न हुआ। ५१ बच्चों, अभिभावकों एवं युवाओं की उपस्थित थे।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के विचारों तथा वैश्विक बंधुत्व के संदेश को बच्चों और अभिभावकों तक पहुँचाना एवं निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों की विचारशक्ति व लेखन कौशल को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ 'तीन ओंकार' और प्रार्थना के साथ अत्यंत शांत एवं पवित्र वातावरण में हुआ। इसके पश्चात सौ. पूनम खलदकर एवं सौ. वैशाली देशपांडे ने “छोटे छोटे संस्कारों से बात बड़ी बन जाती है...” गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। सौ. कीर्ति करंदीकर ने प्रस्तावना प्रस्तुत की तथा सौ. वैशाली देशपांडे ने अतिथियों का परिचय कराया। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन सौ. रागिणी थत्ते ने किया।
समारोह में मुख्य अतिथि एवं मार्गदर्शक वक्ता के रूप में श्री मंदार काले उपस्थित थे। उन्होंने स्वामी जी के जीवन और विचारों को रोचक कहानियों के माध्यम से समझाया। साथ ही, उन्होंने गणेशोत्सव के बदलते स्वरूप एवं संस्कृति के संरक्षण पर अभिभावकों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने मार्गदर्शन किया कि कैसे छोटे-छोटे अच्छे संस्कारों से जीवन और समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। कार्यक्रम के
अंत में निबंध प्रतियोगिता विषय: “ स्वामी विवेकानंद, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लाभ-हानि, मेरे गुरु ” के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
सौ. मृदुला देशपांडे द्वारा व्यक्त आभार प्रदर्शन और अल्पाहार वितरण के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।








