स्वामी विवेकानन्द जी द्वारा 11 सितम्बर 1893 को शिकागो विश्व धर्म महासभा में दिए गए ऐतिहासिक संदेश तथा वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना के स्मरण में विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा ग्वालियर द्वारा विश्व बंधुत्व दिवस के अवसर पर पीजीवी कॉलेज एवं शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय, ग्वालियर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। केंद्र के कार्यकर्ता, शुभचिंतक, महाविद्यालयीन स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं सहित कुल 300 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही।
पीजीवी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में हिंदी व्याख्याता डॉ. कपिल सिंह राघव मुख्य अतिथि, लोकतंत्र सेनानी संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री मोहन बिटवेकर विशेष अतिथि तथा पूर्व सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संयोजन प्राचार्य सुनील पाठक द्वारा किया गया। अपने उद्बोधन में डॉ. कपिल सिंह राघव एवं मोहन बिटवेकर ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के आह्वान को आत्मसात कर राष्ट्रकार्य में सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया। वहीं अध्यक्षीय उद्बोधन में विवेक नारायण शेजवलकर ने कहा कि शिकागो धर्म महासभा में स्वामी विवेकानंद द्वारा धर्म, विज्ञान और भारतीय संस्कृति पर व्यक्त विचार आज भी विश्व शांति और मानवता के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने युवाओं से स्वामी जी के "Be and Make" के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
दूसरी ओर शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम प्राचार्य महेश शर्मा की अध्यक्षता एवं विवेकानंद केंद्र के जीवनव्रती कार्यकर्ता व नगर संगठक श्री श्रवण कुमार तिवारी के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। अपने संबोधन में श्री श्रवण कुमार तिवारी ने युवाओं से विवेकानंद केंद्र के कार्यों से जुड़कर व्यक्ति निर्माण, समाज सेवा एवं राष्ट्र उत्थान के कार्यों में सहभागी बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के उपरांत विद्यार्थियों द्वारा विश्व बंधुत्व एवं राष्ट्रीय जागरूकता का संदेश देने हेतु एक विशाल जागरूकता रैली भी निकाली गई।
इन दोनों कार्यक्रमों में केंद्र के नगर प्रमुख श्री बी.डी. राजपूत, श्री जनार्दन त्यागी, श्री गिरीश कुमार पाल, ममता अग्रवाल, गिरजा गर्ग की उपस्थिति रही।
इन आयोजनों के माध्यम से स्वामी विवेकानन्द जी के विश्व बंधुत्व, मानव एकता और राष्ट्र निर्माण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का सफल प्रयास किया गया।
