विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, छत्तीसगढ़ प्रांत, शाखा बिलासपुर द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 25 दिसंबर से 12 जनवरी तक 'समर्थ भारत पर्व' का गरिमामय आयोजन किया गया। इस पर्व का मुख्य उद्देश्य स्वामी विवेकानंद जी के प्रेरक संदेशों को युवाओं और किशोरों तक पहुँचाकर उनमें राष्ट्र निर्माण का संकल्प जगाना है। इस अवसर पर जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में निबंध लेखन, प्रेरक लघु कथाएं, 'मैं विवेकानंद बोल रहा हूं' (वेशभूषा प्रतियोगिता), विवेक वाणी और चित्रकला जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
बिलासपुर के विभिन्न 'सेजेस' (स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय) में विषय विशेषज्ञों द्वारा उद्बोधन दिए गए:
- सेजेस तारबाहर: मुख्य वक्ता डॉ. सुषमा पंड्या ने बच्चों को समर्थ भारत हेतु प्रोत्साहित किया। सुमिता दास गुप्ता जी ने विवेकानंद जी पर मधुर गीत प्रस्तुत किया। प्राचार्य श्रीमती ऊषा चन्द्रा जी की उपस्थिति में 300 से अधिक छात्र लाभान्वित हुए।
- सेजेस बालक सरकंडा: मुख्य वक्ता श्री आशुतोष शुक्ला जी, श्री अनुपम जी और श्री राहुल साहू जी ने आयोजन की कमान संभाली। प्राचार्य श्री पी. मंडल जी सहित 200 विद्यार्थी उपस्थित रहे।
- सेजेस मंगला: छत्तीसगढ़ के सह-संचालक डॉ. उल्हास वारे जी और जीवनव्रती कार्यकर्ता श्री योगेंद्र राठौड़ जी ने अत्यंत रोचक ढंग से बच्चों को संबोधित किया। प्रभारी प्राचार्य श्रीमती भानू भारती जी और 250 छात्र उपस्थित थे।
- सेजेस लिंगियाडीह: सिम्स के चिकित्सक डॉ. योगेश जायसवाल जी और संपर्क प्रभारी श्रीमती ज्योत्सना मिश्रा जी के मार्गदर्शन में बच्चे विवेकानंद जी की वाणी से प्रेरित हुए। प्राचार्य मिथिलेश मिश्रा जी के साथ 200 छात्र-शिक्षक मौजूद रहे।
- शासकीय विद्यालय चांटीडीह: सह-नगर प्रमुख श्री विवेक पांडे जी और साहित्य प्रभारी श्री भरत जी ने व्याख्यान दिया। प्राचार्य अलका अग्रवाल जी की उपस्थिति में 300 विद्यार्थी कार्यक्रम का हिस्सा बने।
- सेजेस कोनी व तिफरा: कोनी में श्री वेद प्रकाश थवाईथ जी, श्री टिकेश्वर कौशिक जी और पंडित बाबूलाल पंड्या जी ने सफल संचालन किया। वहीं यदुनंदन नगर तिफरा में श्री टिकेश्वर कौशिक जी और सुश्री अनामिका श्रीवास्तव जी ने प्रेरणादायी विचार रखे।
विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी एक आध्यात्मिक प्रेरित सेवा संगठन है जो विवेकानंद के विचारों के माध्यम से 'मनुष्य निर्माण से राष्ट्र पुनरुत्थान' के कार्य में संलग्न है।
समर्थ भारत पर्व की संयोजिका डॉ. सुषमा पंड्या जी और जीवनव्रती कार्यकर्ता श्री योगेंद्र राठौड़ जी ने इस सफल व्याख्यान माला के लिए जिला शिक्षा अधिकारी और सभी विद्यालयों के प्राचार्यों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
पर्व का समापन 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर व्याख्यान माला के साथ हुआ।