विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, राजस्थान द्वारा 'पश्चिम क्षेत्र जनजाति सेवा प्रकल्प' के अंतर्गत 2 से 6 सितंबर 2026 तक "चलें गाँव की ओर" युवा साहस अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में कुल 57 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 15 युवा (5 बहनें और 10 भाई), 3 प्रांत अधिकारी, 4 प्रकल्प समिति सदस्य, 4 कार्यकर्ता, 19 आचार्य और 13 अन्य सहभागी शामिल थे।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शहरी युवाओं को ग्रामीण संस्कृति से जोड़ना, आनंदालय केंद्रों का अवलोकन कराना, अपने वनवासी भाई-बहनों के साथ रहना और सामूहिक रूप से श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाना था। "समृद्ध ग्राम | सशक्त समाज | आत्मनिर्भर भारत" के ध्येय वाक्य के साथ, यह पहल राजस्थान के बांसवाड़ा जिले की सज्जनगढ़, कुशलगढ़ और गढ़ी तहसील के वनांचल प्रदेश के दूर-दराज के गांवों में आयोजित की गई।
2 सितंबर (बुधवार): अभियान की आधिकारिक शुरुआत सुबह 5:15 बजे प्रातः स्मरण के साथ हुई। प्रतिभागी बड़ा रामद्वारा पर एकत्र हुए, कल्पवृक्ष के दर्शन किए और केन्द्र प्रार्थना की। इसके बाद चाचाकोटा में बोटिंग, आशापुरा महाराज जी के कालीहेल धाम धूणी पर राष्ट्र यज्ञ एवं भजन, पारंपरिक वागड़ भोजन और मंदारेश्वर महादेव जी के दर्शन किए गए।
3 सितंबर (गुरुवार): प्रातः स्मरण, केन्द्र वर्ग और श्रम संस्कार के बाद श्रद्धेय संत श्री रामप्रकाश जी महाराज के आशीर्वाद से उद्घाटन सत्र संपन्न हुआ। इसके बाद युवा अपने निर्धारित मंडलों के गांवों की ओर प्रस्थान कर गए। वहाँ उन्होंने आचार्यों से भेंट की, आनंदालय दर्शन किए, ग्राम संपर्क किया और आचार्यों के घर भोजन व विश्राम किया।
4 सितंबर (शुक्रवार): प्रमुख युवा सदस्यों और अधिकारियों ने ग्राम संपर्क किया तथा खेल प्रतियोगिता एवं श्री कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां कीं। कुछ गांवों में दही हांडी कार्यक्रम मनाया गया।
5 सितंबर (शनिवार): प्रतिभागियों ने दही हांडी कार्यक्रम और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया तथा बच्चों के साथ आनंदालय सत्र लिए। यह आयोजन झीकली (150 प्रतिभागी), नालपाड़ा (120 प्रतिभागी), चित्तौड़ा खालसा (100 प्रतिभागी), बोचडदा (80 प्रतिभागी) और मच्छर साथ (70 प्रतिभागी) जैसे विभिन्न केंद्रों पर हुए।
6 सितंबर (रविवार): अंदेश्वर अतिशय तीर्थक्षेत्र पर 65 प्रतिभागियों की उपस्थिति में समापन सत्र हुआ। युवाओं और आचार्यों ने अपने अनुभव साझा किए, "मंत्र छोटा रीत नई" गीत गाया तथा आ. नागेंद्र जी डामोर का उद्बोधन प्राप्त किया। आ. कांतिलाल जी व्यास ने आभार व्यक्त किया। शांति मंत्र और भोजन प्रसाद के बाद प्रतिभागी बड़ा रामद्वारा आकर चातुर्मास कथा में शामिल हुए और शाम 7 बजे अपने-अपने नगरों की ओर प्रस्थान किया।
मण्डल विभाजन और आवंटित केन्द्र: विभिन्न गांवों में गतिविधियों का संचालन करने के लिए प्रतिभागियों को पांच मण्डलों में विभाजित किया गया था:
वीर हनुमान मण्डल: आचार्य एवं केन्द्र: सरिता दीदी (आमलीपाड़ा), नम्रता दीदी (झीकली), टीना दीदी (टिमेडा बड़ा), भूरसिंह जी (वडलीपाड़ा)। सहभागी: हिमांशु भाई, आ. शीतल दीदी, आ. अर्जुन भैया, दिवस भैया, रामसुख भैया।
घोटिया अम्बाधाम मण्डल: आचार्य एवं केन्द्र: सुभाष भैया (जूनापानी)। सहभागी: लक्ष्मीनारायण भैया।
स्वामी विवेकानन्द मण्डल: आचार्य एवं केन्द्र: वीरबाला दीदी (महादेवपूरा), पारी दीदी (मच्छर साथ), रविन्द्र भैया (संदलाई)। सहभागी: दिनेश भैया, हेमलता दीदी, दीपा दीदी, आ. शिवपूजन भैया, आ. प्रेमरतन भैया।
मामा बालेश्वर दयाल मण्डल: आचार्य एवं केन्द्र: कृष्णा भैया (बोचडदा), शबीना दीदी / कैलाश भैया। सहभागी: मंत्र भैया।
अम्जिया मठ मण्डल: आचार्य एवं केन्द्र: लीला दीदी (गवेरिया), पूनम दीदी (नाथावाड़ा), दीपिका दीदी (ककरवा), कैलाश भैया (भमरिया अडोर)। सहभागी: संध्या दीदी, संजना दीदी, संगीता दीदी, हर्षित भैया।
